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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे : भारत का सबसे पुराना और पहला 6 लेन एक्सप्रेसवे कितना पुराना है 

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे : भारत का सबसे पुराना और पहला 6 लेन एक्सप्रेसवे कितना पुराना है

जानें भारत के सबसे पुराने एक्सप्रेसवे के बारे में और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:-

एक्सप्रेस वे, हाईवे का नवीनतम संस्करण माना जाता है। यह तेज परिवहन के लिए निर्मित किया जाता है। लॉजिस्टिक्स (logistic) के तेज परिवहन के लिए अक्सर वाहन मालिक एक्सप्रेस वे से सफर करना पसंद करते हैं। एक्सप्रेस वे का भारत में एक लंबा इतिहास रहा है तो क्या आपको पता है कि भारत का सबसे पुराना एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे कौन सा है? वर्तमान में बन रहे सभी बड़े एक्सप्रेसवे एक्सेस नियंत्रित हैं, इन मार्गों में कम स्पीड वाले वाहनों को चलने की अनुमति नहीं होती है। यही वजह है कि एक्सेस कंट्रोल्ड मार्ग को खास तौर पर हाईस्पीड वाहनों के लिए ही उपयोग में लाया जाता है। बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि भारत का पहला एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे कौन सा है और इसका निर्माण किस सरकार ने किया था।

भारत का पहला सबसे पुराना एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे

भारत का सबसे पुराना एक्सेस नियंत्रित एक्सप्रेसवे का नाम मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे है। 1999 में ही इस एक्सप्रेस वे का एक सेक्शन लोगों की आवाजाही के लिए ओपन कर दिया गया था। 1999 से अब तक इस एक्सप्रेसवे को 25 साल हो चुके हैं, इसे देश की आर्थिक राजधानी के नाम से प्रसिद्ध मुंबई शहर से पुणे तक के लिए निर्मित किया गया था। पुणे से कनेक्ट होने वाला यह एक्सप्रेसवे लोगों को काफी सुभीदा  प्रदान करता है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से देश को गति मिली। इसके अलावा वर्तमान में 1380 किलोमीटर लम्बाई वाला एक शानदार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बनाया रहा है, जो दिल्ली को मुंबई से जोड़ता है। इसके कई सेक्शन की भी शुरूआत हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 1257 किलोमीटर लंबाई वाला अमृतसर-जामनगर हाईवे भी विकसित किया जा रहा है और मेरठ को प्रयागराज से कनेक्ट करने वाले गंगा एक्सप्रेसवे पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

किस मंत्री ने बनवाया था मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अलावा अभी भारत में जितने भी एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जा रहा है। सभी में केंद्र सरकार का बड़ा योगदान है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सड़कों के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है और वह मानते हैं कि अच्छी सड़क किसी भी राष्ट्र के विकास में अहम स्थान रखती है। 1999 में खुले मुंबई-पुणे एक्सप्रेस निर्माण करने का श्रेय भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जाता है। नितिन गडकरी उस समय महाराष्ट्र सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री का पदभार संभाल रहे थे। देश के सबसे पुराने मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे के निर्माण की लागत (1630 करोड़ रुपए) थी। अब यह 25 साल पुराना हो चुका है और एक्सप्रेसवे मुंबई से पुणे तक केवल 2 घंटे की ड्राइव में पहुंचा देता है।

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