24/06/2026 12:43 AM
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राजनीति में आते ही घोटालों में फंस गई झारखंड की सबसे युवा विधायक :- अंबा प्रसाद

राजनीति में आते ही घोटालों में फंस गई झारखंड की सबसे युवा विधायक :- अंबा प्रसाद

झारखंड के बड़कागांव से कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद चर्चा में हैं. उनके ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है. अंबा प्रसाद से पूछताछ भी हुई. बताया जा रहा है कि बालू के अवैध कारोबार और जमीन पर जबरन कब्जा को लेकर ईडी के अधिकारी ने अंबा प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई की है. अंबा प्रसाद कौन हैं और राजनीति में वह कैसे आईं, आइए जानते हैं.

झारखंड के बड़कागांव से कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के 17 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है. 18 घंटे तक अंबा प्रसाद से पूछताछ के बाद मंगलवार देर रात ED की टीम निकली. सुबह 8 बचे ED के अधिकारी अंबा प्रसाद के ठिकानों पर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि बालू के अवैध कारोबार और जमीन पर जबरन कब्जा को लेकर ED के अधिकारी ने अंबा प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई की है.

छापेमारी के बाद अंबा प्रसाद ने ED पर तंग करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी की बात नहीं मानने के कारन मेरे ऊपर कार्रवाई की गई है. अंबा प्रसाद ने कहा, ‘मुझे बीजेपी की ओर से हजारीबाग लोकसभा टिकट की पेशकश की गई थी, जिसे मैंने नजरअंदाज कर दिया. फिर मुझ पर दबाव भी डाला गया. आरएसएस की ओर से आने वाले कई लोगों ने भी मुझ पर चतरा से लड़ने के लिए दबाव डाला. मैंने उसे भी नजरअंदाज कर दिया. हम बीजेपी से नहीं हैं कांग्रेस से हैं, इसलिए मुझे टारगेट किया जा रहा है.’

उन्होंने आगे कहा कि हम हजारीबाग में बहुत मजबूत हैं. मैंने इसे पार्टी और मीडिया के नजरिए से देखा कि मैं एक विजयी उम्मीदवार हूं, तो यह मेरे इनकार का नतीजा है और आज मुझे दिन भर परेशान का शिकार होना पड़ा, जो अस्वीकार्य निंदन्य है. बता दें कि मौजूदा विधानसभा में सबसे कम उम्र की विधायक अंबा पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव की बेटी हैं. उनकी मां निर्मला देवी भी पूर्व विधायक हैं.

निर्मला देवी ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले बेटी का मनोबल तोड़ने के लिए ED ने छापा मारा. मुझे छापे की कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि मैं अंदर नहीं थी. यह बात मुझे मीडिया के माध्यम से पता चली. मैं अब राजनीति में नहीं हूं. मैंने अपनी बेटी से कहा था कि वह राजनीति छोड़ दे.

 

राजनीति में कैसे आईं अंबा प्रसाद

अंबा प्रसाद को राजनीति विरासत में मिली है. बड़कागांव विधानसभा सीट से अंबा प्रसाद से पहले उनके पिता योगेंद्र साव 2009 में और मां निर्मला देवी ने 2014 में चुनाव जीतकर विधायक बने थे. उनके पिता मंत्री भी रहे . अंबा प्रसाद के मुताबिक, जब मेरे पिता राजनीति में थे तब मैं पढ़ाई कर रही थी. मुझे राजनीति से दूर तक कोई मतलब नहीं था. 2013, 2014 के आसपास मेरे पिता को चुनाव से दूर करने की साजिश रची जा रही थी. उस दौरान मैं दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रही थी. मैं ब्रेक लेकर झारखंड आई.

अंबा प्रसाद ने कहा कि इसके बाद मैंने अपने माता-पिता की मदद की. मेरे पिता अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं. पूरे झारखंड में वह लड़ाकू विमान की तरह जाने जाते हैं. लोग उनको बहुत मानते हैं. 2014 में मेरे पिता जब जेल गए तो मां को टिकट मिला. चुनाव में उनके लिए प्रचार करने के लिए मैं पढ़ाई से ब्रेक लेकर आई. उस चुनाव में मां की जीत हुई थी.

अंबा ने कहा कि मां के साथ कुछ दिन रहने के बाद UPSC की तैयारी करने के लिए मैं दिल्ली वापस आ गई. मैंने प्रीलिम्स निकाला. लेकिन उसके बाद मैं अपनी पढ़ाई आगे नहीं जारी रख सकी. 2016 में मेरा पूरा परिवार जेल चला गया. मैंने सब कुछ छोड़ दिया और झारखंड वापस आ गई. कांग्रेस की इस युवा नेता ने कहा कि क्षेत्र में विधायक की कमी न महसूस हो, इसके लिए मैं काम करना शुरू की. मैं समाज के लिए काम करना चाहती थी. IAS बनकर मैं ऐसा करना चाहती थी. लेकिन मेरे पिता ने कहा कि तुम्हें राजनीति में आना होगा. राजनीति में आने से पहले मैंने काफी विचार किया.

घोड़े पर सवार होकर पहुंची थीं विधानसभा

अंबा प्रसाद 2021 में चर्चा में आई थीं. वह 2021 में महिला दिवस पर घोड़े पर सवार होकर विधानसभा पहुंची थीं. हालांकि घोड़े को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन अंबा के इस अंदाज ने सबका दिल जीत लिया था. अंबा को ये घोड़ा रिटायर्ड कर्नल रवि राठौड़ ने गिफ्ट में दिया था

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